पीएम मोदी जिस गुफा में ध्यान के लिए गए हैं क्या है इस गुफा की खूबी, जानिए

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गीतांजलि पोस्ट…
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। इस दौरान उन्‍होंने अभिषेक के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी सेफ हाउस में विश्राम के उपरांत बारिश के बीच पैदल चलकर रुद्र गुफा पहुंचे। यहां पीएम मोदी कल सुबह तक ध्यान करने वाले हैं। वे रात्रि विश्राम भी इसी गुफा में ही विश्राम करेंगे। इस गुफा का हाल ही निर्माण हुआ है। इसे पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। आइए हम आपको बताते हैं इस गुफा से जुड़ी अहम बातें…
*मोदी रुद्र गुफा में रुकने वाले दूसरे मेहमान*
केदारनाथ धाम में रुद्र गुफा पिछले साल बनकर तैयार हुई थी। जिसका संचालन इस साल से विधिवत शुरू हो गया। इस साल महाराष्ट्र के जय शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुद्र गुफा में रुकने वाले दूसरे मेहमान हैं। यह गुफा प्राकृतिक नहीं है, भूमिगत है। इस गुफा की ऊंचाई लगभग सवा 12 हजार फीट है। प्राकृतिक सुंदरता से घिरी इस गुफा में टॉयलेट, बिजली और टेलीफोन जैसी आधुनिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। इस गुफा की देख रेख की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम की है।

ये गुफा पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट थी -केदारनाथ मंदिर से 2 किलोमीटर दूर मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ बनी ये गुफा पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। अब ये ध्यान गुफा तीर्थ यात्रियों के लिए भी खोल दी गई है। इस गुफा में योग, ध्यान, मेडिटेशन और आध्यात्मिक शांति के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इस गुफा का निर्माण अप्रैल में शुरू किया गया था। यह गुफा पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी है। पिछले वर्ष ही साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है।। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने रुद्र गुफा का निर्माण किया है।
गुफा को एक व्यक्ति अधिकतम तीन दिन के लिए ही बुक करा सकता है।
बताते चलें कि केदारनाथ में पांच गुफाओं का निर्माण होना है। यह पहली गुफा ट्रायल के तौर पर बनाई गई है। गुफा को एक व्यक्ति अधिकतम तीन दिन के लिए ही बुक करा सकता है। गुफा की बुकिंग में कितना खर्च आएगा, यह तय भी गढ़वाल मंडल विकास निगम ही करेगा। बदरीनाथ की गुरुड़चट्टी में साधना के बाद यह पहला मौका है जब नरेंद्र मोदी केदारनाथ में ध्यान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2017 में केदारनाथ में पांच योजनाओं का शिलान्यास किया था।

इन सुविधाओं से लैस है ये गुफा – इस गुफा का मुख केदारनाथ मंदिर और भैरवनाथ मंदिर की ओर है। जो विपरीत पहाड़ी की ओर स्थित हैं। इस प्राकृतिक गुफा का बाहरी हिस्सा स्थानीय पत्थरों से बना है और प्रवेश द्वार लकड़ी के दरवाजे से सुरक्षित हैं। गुफा में बिजली और पीने का पानी जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। गुफा में रुकने वाले श्रद्धालु को सुबह की चाय, नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम की चाय और रात का खाना निर्धारित समय पर दिया जाता है। जिसे अनुरोध पर बदला जा सकता है। किसी भी आपात स्थिति में, प्रबंधक GMVN केदारनाथ से किसी भी समय फोन द्वारा मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।

परिचारक(अटेंडेंट) को बुलाने के लिए गुफा में एक घंटी लगी हुआ है। ध्यान गुफा से किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की 24X7 प्रतिनियुक्ति की गई है।