जयपुर की श्वेता जाजू का हुआ राष्ट्रीय स्तर पर माहेश्वरी वूमेन ऑफ वर्थ अवार्ड 2019 के लिए चयन

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जयपुर की श्वेता जाजू का हुआ राष्ट्रीय स्तर पर माहेश्वरी वूमेन आॅफ वर्थ अवार्ड 2019 के लिए चयन

गीतांजलि पोस्ट……….(विनय शर्मा) जयपुर:- भारत देश की लगभग 5 लाख से अधिक माहेश्वरी महिलाओं में से 251 महिलाओं का सम्मान महेश नवमी समारोह के अंतर्गत किया जाएगा। 11 जून को महेश नवमी के अवसर पर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के द्वारा पूरे देश में से समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा, स्पोर्ट्स, कला एवं संस्कृति के क्षैत्र में कार्यरत दौ सो इक्यावन (251) प्रबुद्ध माहेश्वरी महिलाओं को “माहेश्वरी वूमेन आॅफ वर्थ अवार्ड” से सम्मानित किया जा रहा है।
जिनकी सूची अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डॉ सुमन सुरेश सोनी, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डॉ माया डॉ मधुसुदन राठी एवं गुजरात प्रदेश संयोजक श्रीमती रीतु एडवोकेट मुकेश कोठारी ने जारी की ।
यह सूची जारी करते हुए उन्होंने बताया कि पूरे देश में माहेश्वरी समाज की 5 लाख से अधिक महिलाओं में से विभिन्न मापदंडों पर कुल 1156 महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से अवार्ड चयन समिति ने 123 जिलों में से 251 प्रबुद्ध महिलाओं के नामों को अवार्ड हेतू चयन किया हैं, उनमें वे महिलाएं भी हैं जिन्होंने अपने जीवन में कैरियर की जगह घर गृहस्थी को चुना, वे महिलाएं भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी विशेष योग्यता के आधार पर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, वे महिलाएं भी शामिल हैं जिन्होंने अपने नेतृत्व से महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित किया।

उन्हीं में से एक जयपुर की सुश्री श्वैता जाजू हैं, जिनके इस प्रतिष्ठित पारदर्शी सम्मान के लिए चयनित होने पर ना केवल उनका बल्कि जयपुर के पूरे माहेश्वरी समाज का नाम रोशन हुआ हैं ।

सुश्री श्वैता जाजू ने जातिगत भेदभाव को दूर रखते हुए अपने नाम के बाद में भारतीय लगा लिया हैं। इनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री प्रहलाद राय जी जाजू हैं। जो गुलाबपुरा निवासी ,वर्तमान में जयपुर राजस्थान से हैं।
श्वेता जाजू बाल विकास चैरिटेबल ट्रस्ट राजस्थान फाउंडर भी हैं।
इसके साथ ही श्वेता जाजू जमीन से जुड़ी हुई सामाजिक कार्यकर्ता हैं और बहुत सारे सम्मानों से भी नवाजी गई हैं।

सन् 2010 से बाल कल्याण, महिला सशक्तिकरण, निराश्रितों की सहायता , मानवाधिकार, बुजुर्गो व महिलाओं को कानूनी व चिकित्सीय सहयोग,सड़क सुरक्षा, रक्तदान, वृक्षारोपण, युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद, कानूनी सहायता शिविर, इत्यादि नियमित मानव सेवा कार्य में इनकी रुचि रहती हैं।