अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे क्षेत्र में जगह जगह हुआ योग

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गीतांजलि पोस्ट……….(विनय शर्मा) साभंर लेक:-शहर मे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्याल,अनुभूति कुँज, व सांभर साल्ट द्वारा साभंर साल्ट परिसर में सुबह विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।

इस योग सत्र मे बी.के.राहुल प्रजापत ने विभिन्न योग ओर उनके लाभों से लोगो को अवगत कराते हुए योग आसनों का अभ्यास कराया।
योगगुरु राहुल का कहना था कि आज की भागदौड़ भरी व्यस्त जिंदगी मे हम हमारे शारिरिक ओर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नही दे पा रहे है नतीजा यह होता है कि थकान,अनिद्रा,कमजोरी जैसे शारिरिक समस्याओं के साथ तनाव,चिड़चिड़ापन,क्रोध जैसे मानसिक विकारो से मानव जीवन प्रभावित होता जा रहा है।इसके बचने के लिए सुबह किया गया योग बहुत लाभदायक रहता है।

आश्रम की रिचा दीदी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहां कि हमारा देश विश्व गुरु था ओर अब पुनः विश्व गुरु बनने की राह पर है
आज भारत की प्राचीन जीवन पद्धतियों को विश्व मे जीवन परिवर्तन का आधार माने जाना लगा है भारत का यह प्राचीन शारिरिक व्यायाम जिसका नाम ही ‘योग’ है, वह विश्व को योग यानी विश्व को आपस में जोड़ दे तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी ,ओर ऐसा होता नजर भी आ रहा है।

दीदी का कहना था कि भारत देवभूमि ओर महापुरुषों का देश रहा है ओर यहा की अनेक प्राचीन जीवन पद्धतियों से लोग अन्जान से रहे है जिनको अब विश्व भी मानने लगा है ,जिस प्रकार हम शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग करते है उसी प्रकार हमे हमारी आत्मा(मानसिक) स्वास्थ्य के लिए राजयोग की आवश्यकता है राजयोग वह प्राचीन पद्धति है जिसका वर्णन स्वयं भगवान ने पांच हजार वर्ष पूर्व महाग्रंथ गीता मे किया था।
राजयोग स्वयं को ओर परमपिता परमात्मा को जानने की पद्धति है हम जिस प्रकार योग से शरीर को स्वस्थ बनाते है उसी प्रकार राजयोग से आत्मा को स्वस्थ ओर सतोप्रधान बना सकते है राजयोग की आध्यात्मिक जागृति हमें व्यर्थ और नकारात्मक भावों से दूर कर अच्छे और सकारात्मक विचार चुनने की शक्ति देती है।
राजयोग का अभ्यास करने से व्यक्ति स्वयं को बेहतर रूप से जानने लगता है। जिसके कारण वह स्वयं को और अपने मन को बेहतर रूप से नियंत्रित कर पाता है,साथ ही व्यक्ति के भीतर जो दैवीय गुण होते हैं यह उन्हें उजागर करने का काम करता है।
दीदी ने आये हुए लोगो को राजयोग के द्वारा भटकते ओर निराश मन पर किस प्रकार सकारात्मक बदलाव ला सकते है इसे राजयोग के अभ्यास द्वारा अनुभव कराया गया,जिसे लोगो ने काफी पंसद किया,दीदी ने कहां कि शरीर ओर आत्मा के सशक्तिकरण से ही दुनिया में ‘कल्याणकारी विश्व परिवर्तन’ ओर नई दुनिया की परिकल्पना साकार होगी।
इसके साथ ही दरबार विद्यालय में भी योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें उपखंड अधिकारी मुकेश कुमार मूंड, थानाधिकारी रामेश्वर बगड़िया सहित अनेक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक सहित कई कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने आज सामूहिक रूप से योग करके जीवन में योग के महत्व को समझा।