ढोल ताशों के साथ निकला अलम मुबारक का जुलूस, अकीदतमंदों ने मांगी मन्नतें

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गीतांजलि पोस्ट…….(खगेन्द्र दाधीच) डीडवाना:- 10 सितम्बर को मनाए जाने वाले मोहर्रम के त्यौंहार के तहत मौहल्ला सैयदान में शनिवार की शाम को छड़ी मुबारक का जुलूस निकला। ढ़ोल-ताशों की मातमी धुनों के साथ निकले इस जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल थे। इस मौके पर अकीदतमंदों ने दुवाएं मांगी और दरगाह पर चादर व गलेफ भी चढ़ाए।इसके तहत शनिवार को शाम 5.30 बजे बाद सैयदों की हताई पर मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने ढ़ोल-ताशों पर मातमी धुन बजाना शुरू किया। इसके बाद ढ़ोल-ताशों का जुलूस मौहल्ला काजियान में स्थित पत्रकार इस्तेखार उसमानी के मकान पर पहुंचा, जहां अकीदतमंदों ने अलम मुबारक से मन्नतें मांगी और गलेफ चढाए। इसके बाद ढ़ोल-ताशों की मातमी धुनों के साथ हजरत शफी मोहम्मद उसमानी के अलम (छड़ी मुबारक) का जुलूस रवाना हुआ। इस दौरान मेहबूब अली उसमानी, सैयद रजा अली, मनवर उसमानी, मसरूर उसमानी, शकील उसमानी, शाहिद सिद्दीकी, फरहत अली, जाफर अली, अल्ताफ उसमानी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।जुलूस सैयदों की हताई पर स्थित सैयदान मस्जिद पर पहुंचा, जहां पर अलम को रखा गया। इसके बाद अकीदतमन्दों की ओर से पीर जाफर शहीद तथा चांदशाह पीर की दरगाह पर अपनी अपनी मन्नतों के अनुसार चादर एवं गलेफ चढ़ाए गए। इस मौके पर फातेहाखानी हुई और लोगों में शिरनी तक्सीम की गई। इस दौरान छबील का भी वितरण किया गया।