पानी छोड़ा पर टूटी नहर, नहर टूटने से किसान चिंतित,

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पानी छोडा, टूटी नहर किसान चिन्तित,

आखिर कैसे पहुचेगा अन्तिम छोर पर पानी।

नहर नवीनीकरण मे किया था घटिया सामग्री का उपयोग।

अधिकारी ओर संवेदक कर रहे है काना-फूसी।

पुराना बडा नाला पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप

पूर्व में संवेदक के द्वारा जेसीबी चलाकर तोडा गया था नाला

गीतांजलि पोस्ट……करौली – सपोटरा क्षेत्र के किसानों लिए जीवनदायनी कहे जाने कालीसिल बांध की नहर एक बार फिर टूट गई। जिससे किसानों को अब अपनी पैदावार को लेकर के चिन्तित होना पड रहा है पूर्व मे क्षेत्र के किसान कालीसिल बांध की नहर को खोलने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों की राह ताक रहे थे लेकिन अब उन्हे विभागीय अधिकारियों ओर संवेदक की मिलीभगत सामने आने लगी है क्षेत्र के किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते १६ करोड रूपये की लागत से किए जा रहे कालीसिल बांध का जीर्णोधार व नहर का नवीनीकरण का कार्य इंजिनियरों व अधिकारियों तथा संवेदको के घटिया निर्माण की पोल खोल रहा है। नहर के नवीनीकरण के कार्य मे घटिया सामग्री का उपयोग करने से कालीसिल बांध की मुख्य नहर आए दिन बार बार टृट रही है वही क्षेत्र के किसानों ने ठेकेदार पर रामठरा किले के नीचे जेसीबी से नहर के निर्माण कार्य करने के बाद नहर को तोडने का आरोप लगाया है किसानों ने बताया कि संवेदक के द्वारा पूर्व मे नहर का पानी को पूर्णत खाली करने के लिए नाले पर जेसीबी चलाकर के क्षतिग्रस्त किया गया था ऐसे मे संवेदक के द्वारा जहां पर नहर को तोडा गया उस स्थान पर सही तरीके से निर्माण कार्य नही किया गया। ऐसे मे नहर से पानी का रिसाव होता रहा। जिससे लगातार नहर टृट रही है।

नही पहुुंच सकेगा अन्तिम छोर पर पानी:

कालीसिल बांध की मुख्य नहर पर संवेदक एवं अधिकारियों की मिलीभगत के चलते घटिया निर्माण कार्य को लेकर मुख्य नहर आए दिन टूट रही है सिंचाई विभाग के द्वारा नहर की बिना साफ सफाई के ही नहर मे पानी छोडा गया था। एवं नहर जगह जगह पर क्षतिग्रस्त पडी हुई थी लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण नहर टूट गई। वही ग्रामीणों ने बताया कि नहर चार दिन भी टूटी थी जिससे विभागीय अधिकारियों की निगरानी मे सही करायी गई थी लेकिन घटिया निर्माण के कारण मुख्य कैनाल फिर क्षतिग्रस्त हो गई। वही अन्तिम छोर के किसानों का कहना है इस तरह आए दिन नहर टूटती रही तो किसानों को बांध का पानी मिल पाना मुश्किल होगा।

यहा तक पहुंचता है पानी;

कालीसिल बांध की मुख्य नहर से निशाना,धूलवास,बूकना,पहाडपुरा,गोरधनपुरा,ऐकट,बडौदा गजराजपाल,जीरोता,औडच,रानेटा,चौडागांव,डाबिर,जाखौदा,रानीपुरा,गुलाबपुरा,गज्जूपुरा,डूड्यापुरा,खावदा,मेदपुरा आदि सहित कई गांवो के किसानों को बांध का पानी नहर से मिलता था ऐसे मे किसान रबी की फसल की बुबाई से लेकर सिंचाई तक का कार्य नहर से करते थे लेकिन इस बार नहर पर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने से किसानों को पानी नही मिल पाएगा।