पर्यावरण और स्वास्थ्य बचाना है तो संक्रमित कचरे का उचित प्रबंधन और निस्तरणजरूरी-डाॅ. वर्मा

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गीतांजलि पोस्ट…..(अरविंद जांगिड़) दौसा:– मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. पी एम वर्मा ने कहा है कि यदि बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तरण सही तरीके से नहीं किया गया तो यह हानिकारक हो सकता है। सरकारी हो या निजी सभी तरह के चिकित्सा संस्थानों में तैनात हर स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे बायोमेडिकल कचरे का निस्तरण उचित तरीके से करें। वे सोमवार को यहां जिला मुख्यालय पर बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर आयोजित कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला की थीम संक्रमण से बचाव एवं पर्यावरण योजना रखी गई थी। इसमें मास्टर ट्रेनर सुबेसिंह यादव और डाॅ गिरधर शर्मा ने जिला स्तर के चिकित्सा प्रभारियों अधिकारियों को बायोमेडिकल कचरे का उचित प्रबंधन और निस्तरण विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में मरीज ठीक होने के लिए आते हैं, लेकिन यदि संक्रमित कचरा वहां है तो संक्रमण फैलने का खतरा भी रहता है। संक्रमित कचरे के निस्तरण के लिए अलग-अलग रंगों के कचरापात्र हर अस्पताल में होना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि किस तरीके के कचरे का निस्तरण कैसे करना है। इससे जहां मरीज जल्दी ठीक होंगे वहीं पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि यदि संक्रमित कचरे का निस्तारण सही नहीं पाया जाता है तो सजा का प्रावधान भी है। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम गौरव गुप्ता, सभी ब्लाॅकों के बीसीएमओ, सभी बीपीएम और विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।