जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न, राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं संरक्षण के लिये प्रभावी कार्रवाही के निर्देश

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गीतांजलि पोस्ट ………(अरविन्द जांगिड़) दौसा:- माननीय उच्च न्यायालय जयपुर पीठ द्वारा डी बी (पी.आई.एल.) याचिका 13263/2014 बाबूलाल जाजू बनाम राज्य सरकार में पारित किये गये अन्तरिम आदेश की अनुपालना में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं मोरों के संरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को जिला कलक्टर पीयुष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई ।

बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिये कि जिला स्तर पर मोरो के शिकार के प्रकरणो में प्राथमिकता के आधार पर अन्वेषण/अनुसंद्यान कर प्रगति से आगामी बैठक में अवगत करावे। मोरो के संरक्षण हेतु क्षेत्रो का चुनाव कर मोर संरक्षण क्षेत्र विकसित करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन उपरान्त मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जयपुर को भिजवाना है। मोरो के लिये रेस्क्यू सेन्टर बनाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के भी निर्देश दिये गये। जहरीले दानो से हो रही मोरो की मृत्यु के संबंध मे जन-जाग्रति एवं किसानो/ग्रामीणो को जागरूक करने हेतु सभाओ का आयोजन किया जावें। मोरो के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु आमजन में जन जाग्रति के लिये मीछिया दूरदर्शन एं स्वंयसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जावें। जिले में निवास कर रहें बावरिया/मोगिया इत्यादि के डेरो पर समय-समय पर दबिश की जावें तथा मोर पंख के संग्रहण/बेचान की प्रभावी रोकथाम करने के लिये प्रभावी कार्यवाही की जावे। उन्होने बताया कि मोर वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत सूची-1 का प्राणी जो की अधिनियमानुसार महत्वपूर्ण होता है। इसके शिकार एवं अन्य कारणों से इसे नुकसान पहुचाने पर कठोर दंड के प्रावधान वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 में निहित है।

बैठक में उपवन संरक्षक वी केतन कुमार, सहायक उपवन संरक्षक पीयुष शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल के बालोत, सदस्य उप पुलिस अधीक्षक दौसा विजय सिंह, एडीपीआर रामजी लाल मीना, नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र मीना, सीएमएचओ से डा0 अंकित खण्डेलवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।